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महिला सिपाही कमासिन ने लगाई फाँसी, चार पुलिसकर्मियों पर गम्भीर आरोप–


रंजीत सिंह राठौर-
लखनऊ-
उत्तर प्रदेश में बांदा के कमासिन थाने में महिला कॉन्स्टेबल ने संदिग्ध हालत में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली थी. उसके पिता ने महिला एसओ और थाने में तैनात 4 सिपाहियों पर हत्या का आरोप लगाया है. महिला कांस्टेबल नीतू शुक्ला आत्महत्या मामले में पुलिस विभाग ही कटघरे में खड़ा हो गया है. बांदा पहुंचे महिला सिपाही के पिता व भाई ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है ।
पिता ने सीधे तौर पर कमासिन थाना इंचार्ज व चार सिपाहियों पर हत्या का आरोप लगाया है. साथ ही जांच प्रभावित करने का भी आरोप लगाया. वहीं पूरे मामले में आला अधिकारियों की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है. 
मौत से पहले लिखे सुसाइड नोट में महिला सिपाही ने 4 पुलिसकर्मियों पर गंभीर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिनसे तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली. यह सुसाइड नोट पुलिस उच्चाधिकारियों के हाथ लग चुका है और प्रकरण की सूचना पुलिस अधीक्षक एस आनंद की ओर से डीजीपी मुख्यालय को भेजी जा चुकी है. 

मामले में एसपी ने थाना इंचार्ज प्रतिमा सिंह को अपने अधीनस्थों के संबंध में पर्याप्त जानकारी न रखने का दोषी मानते हुए लाइन हाजिर कर दिया है. बता दें ये सुसाइड नोट कमासिन थाना आवास परिसर में फांसी पर लटकी पायी गयी महिला कांस्टेबल नीतू शुक्ला (25) के बिस्तर के नीचे से मिला था. इसमें 4 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्रताड़ित किये जाने के गंभीर आरोप लगाए गए थे ।
बांदा एसपी ने जांच में दोषी चारों पुलिसकर्मियों का दोष समावेशित कर सीओ सदर को जांच आख्या प्रेषित करने को कहा है. इसकी सूचना डीजीपी कार्यालय को देते हुए बांदा एसपी ने सीओ सदर कुलदीप गुप्ता से जांच शुरू करवा दी है. इससे पहले पुलिस 4 पुलिसकर्मियों पर किसी तरह के आरोप और किसी तरह के सुसाइड नोट मिलने की बात से इंकार कर रही थी ।
बता दें कमासिन थाना परिसर स्थित आवास में पिछले मंगलवार रात महिला कांस्टेबल का शव पंखे से लटका मिला था. सोमवार को महिला सिपाही के परिजनों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की. सूत्रों की माने तो जिले के एसपी ने पत्र के माध्यम से डीजीपी व अन्य आला अधकारियों को बताया है कि नीतू शुक्ला के पास से सोसाइट नोट भी मिला है, जिसमे 4 पुलिसवालों पर प्रताडना के गम्भीर आरोप लगाए गए हैं ।

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